जीवन की असली सार्थकता इस बात में नहीं है कि हम अपने लिए क्या संग्रह करते हैं, बल्कि इसमें है कि हम दुनिया को क्या देकर जाते हैं। कुछ लोग संसार से चले जाने के बाद भी अपने आदर्शों, अपनी अच्छाइयों और अपनी करुणा के रूप में हमारे बीच हमेशा जीवित रहते हैं। मेरे पूज्य पिता जी, स्वर्गीय श्री प्रमोद कुमार जी एक ऐसे ही व्यक्तित्व थे, जिनका पूरा जीवन दूसरों की मदद करने और समाज में खुशियाँ बांटने में बीता।
'प्रमोद कुमार वेलफेयर एंड चैरिटेबल फाउंडेशन' केवल एक संस्था नहीं है, बल्कि यह उनके उन्हीं अनमोल विचारों, उनकी सीख और उनके अधूरे सपनों को जीवित रखने का हमारा एक विनम्र प्रयास है। पिता जी हमेशा कहते थे कि ईश्वर ने अगर हमें किसी की मदद करने के काबिल बनाया है, तो हमें कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। आज वे शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका दिखाया हुआ सेवा का मार्ग और उनकी करुणा आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रही है।
इस फाउंडेशन के माध्यम से हमारा संकल्प समाज के उस अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना है, जिसे शिक्षा, स्वास्थ्य या संबल की सबसे ज्यादा जरूरत है। हम चाहते हैं कि जब भी हम किसी बेसहारा का हाथ थामें, किसी बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाएं या किसी जरूरतमंद की जिंदगी को संवारें, तो उसमें हमारे पिता जी के आशीर्वाद की झलक दिखाई दे। यह फाउंडेशन उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने और उनके सेवा भाव को आगे बढ़ाने का एक जरिया है।
यह पावन यात्रा हमारे अकेले की नहीं है। इस सफर में आप सभी का जो स्नेह, विश्वास और सहयोग हमें मिल रहा है, वही हमारी असली ताकत है। पिता जी की याद में शुरू हुए इस सेवा के महायज्ञ में आप सभी की भागीदारी हमें और अधिक जिम्मेदारी से काम करने की प्रेरणा देती है।
आइए, हम सब मिलकर एक ऐसा समाज बनाएं जहाँ कोई खुद को अकेला न समझे, जहाँ हर किसी के मन में दूसरों के लिए करुणा हो। आपका एक छोटा सा सहयोग किसी के जीवन का सबसे बड़ा सहारा बन सकता है। आइए, पूज्य पिता जी के आशीर्वाद को साथ लेकर मानवता की इस सेवा को और आगे बढ़ाएं।
सद्भावना और असीम आदर के साथ,
निदेशक / संस्थापक
प्रमोद कुमार वेलफेयर एंड चैरिटेबल फाउंडेशन
(स्वर्गीय श्री प्रमोद कुमार जी की पावन स्मृति में समर्पित)